Biography

समय रहते आचार्य जी के पिता जी श्री राकेश तिवारी एवं माता जी मिथलेश तिवारी जी ने इन्हें 8 वर्ष की आयु में बृज के ठाकुर श्री बांके बिहारी जी की पावन धरा पर अध्ययन के लिए भेजा जहाँ आपने अनेकोनेक विद्वानों के सानिध्य में रहकर भागवत एवं ज्योतिष का पूर्ण अध्ययन किया एवं बृज के दर विद्वान हरिदासीय सम्प्रदायाचार्य श्रृद्धेय आचार्य गोस्वामी गौरव कृष्ण जी महाराज से गुरूमंत्र दीक्षा सम्पन्न की एवं 15 वर्ष की आयु में आचार्य जी जब पुनः अपनी जन्मभूमि पर लौटे तो जन-जन में उन्होंने भागवत का प्रचार प्रसार किया वो भी पूर्णतः निशुल्क और आज बांके बिहारी की कृपा विलासिता से पंजाब, हरियाणा हिमाचल, झांसी, कानपुर, उरई एवं सम्पूर्ण भारत में भागवत जी के अनेकोनेक अनुष्ठान सम्पन्न किये साथ ही ज्योतिष के माध्यम से कई भक्तों के कष्ट भी किये। े।